ई-मेल 32 year old , भारतवंशी ने किया था इसका आविष्कार:-......see more...
MAIN POINT IN THIS POST:इनबॉक्स, आउटबॉक्स, फोल्डर्स, मेमो, अटैचमेंट्स :-
वाशिंगटन: ईमेल आज 32 साल का हो गया, लेकिन बहुत ही कम लोगों को यह पता होगा कि तेजी से संदेश पहुंचाने की इस प्रणाली का अविष्कार भारतीय अमेरिकी वीए शिवा अय्यदुरई ने उस समय किया जब वह केवल 14 साल के थे।वर्ष 1978 में अय्यदुरई ने कंप्यूटर प्रोग्राम तैयार किया जिसे 'ईमेल' कहा गया। इसमें इनबॉक्स, आउटबॉक्स, फोल्डर्स, मेमो, अटैचमेंट्स आदि सभी कुछ था। आज ये फीचर हर ईमेल सिस्टम के हिस्से हैं। अमेरिकी सरकार ने 30 अगस्त 1982 को अय्यदुरई को आधिकारिक रूप से ईमेल की खोज करने वाले के रूप में मान्यता दी और 1978 की उनकी खोज के लिए पहला अमेरिकी कापीराइट दिया। उस समय सॉफ्टवेयर खोज की सुरक्षा के लिए कापीराइट एकमात्र तरीका था।
हफ्फिंगटन पोस्ट के अनुसार एर्पानेट, एमआईटी या सेना जैसे बड़े संस्थानों ने ईमेल की खोज नहीं की। इस प्रकार के संस्थानों का मानना था कि इस प्रकार की प्रणाली तैयार करना मुश्किल है।
अय्यदुरई का जन्म मुंबई में एक तमिल परिवार में हुआ था। सात वर्ष की आयु में वह अपने परिवार के साथ अमेरिका चले गए। 14 वर्ष की आयु में उन्होंने कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के अध्ययन के लिये न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय के कोरैंट इंस्टीट्यूट ऑफ मैथेमैटिकल साइसेंज में विशेष 'समर' कार्यक्रम में हिस्सा लिया। बाद में स्नातक के लिए न्यूजर्सी सिथत लिविंगस्टन हाई स्कूल गए। हाई स्कूल में पढ़ाई करने के साथ उन्होंने न्यू जर्सी में यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसीन एंड डेनटिस्ट्री में रिसर्च फेलो के रूप में काम भी किया।
वाशिंगटन:- ईमेल आज 32 year का हो गया, लेकिन बहुत ही कम लोगों को यह पता होगा कि तेजी से संदेश पहुंचाने की इस प्रणाली का अविष्कार भारतीय अमेरिकी वीए शिवा अय्यदुरई ने उस समय किया जब वह केवल 14 साल के थे।
वर्ष 1978 में अय्यदुरई ने कंप्यूटर प्रोग्राम तैयार किया जिसे 'ईमेल' कहा गया। इसमें इनबॉक्स, आउटबॉक्स, फोल्डर्स, मेमो, अटैचमेंट्स आदि सभी कुछ था। आज ये फीचर हर ईमेल सिस्टम के हिस्से हैं। अमेरिकी सरकार ने 30 अगस्त 1982 को अय्यदुरई को आधिकारिक रूप से ईमेल की खोज करने वाले के रूप में मान्यता दी और 1978 की उनकी खोज के लिए पहला अमेरिकी कापीराइट दिया। उस समय सॉफ्टवेयर खोज की सुरक्षा के लिए कापीराइट एकमात्र तरीका था।
हफ्फिंगटन पोस्ट के अनुसार एर्पानेट, एमआईटी या सेना जैसे बड़े संस्थानों ने ईमेल की खोज नहीं की। इस प्रकार के संस्थानों का मानना था कि इस प्रकार की प्रणाली तैयार करना मुश्किल है।
अय्यदुरई का जन्म मुंबई में एक तमिल परिवार में हुआ था। सात वर्ष की आयु में वह अपने परिवार के साथ अमेरिका चले गए। 14 वर्ष की आयु में उन्होंने कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के अध्ययन के लिये न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय के कोरैंट इंस्टीट्यूट ऑफ मैथेमैटिकल साइसेंज में विशेष 'समर' कार्यक्रम में हिस्सा लिया। बाद में स्नातक के लिए न्यूजर्सी सिथत लिविंगस्टन हाई स्कूल गए। हाई स्कूल में पढ़ाई करने के साथ उन्होंने न्यू जर्सी में यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसीन एंड डेनटिस्ट्री में रिसर्च फेलो के रूप में काम भी किया। see more...
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वाशिंगटन: ईमेल आज 32 साल का हो गया, लेकिन बहुत ही कम लोगों को यह पता होगा कि तेजी से संदेश पहुंचाने की इस प्रणाली का अविष्कार भारतीय अमेरिकी वीए शिवा अय्यदुरई ने उस समय किया जब वह केवल 14 साल के थे।वर्ष 1978 में अय्यदुरई ने कंप्यूटर प्रोग्राम तैयार किया जिसे 'ईमेल' कहा गया। इसमें इनबॉक्स, आउटबॉक्स, फोल्डर्स, मेमो, अटैचमेंट्स आदि सभी कुछ था। आज ये फीचर हर ईमेल सिस्टम के हिस्से हैं। अमेरिकी सरकार ने 30 अगस्त 1982 को अय्यदुरई को आधिकारिक रूप से ईमेल की खोज करने वाले के रूप में मान्यता दी और 1978 की उनकी खोज के लिए पहला अमेरिकी कापीराइट दिया। उस समय सॉफ्टवेयर खोज की सुरक्षा के लिए कापीराइट एकमात्र तरीका था।
हफ्फिंगटन पोस्ट के अनुसार एर्पानेट, एमआईटी या सेना जैसे बड़े संस्थानों ने ईमेल की खोज नहीं की। इस प्रकार के संस्थानों का मानना था कि इस प्रकार की प्रणाली तैयार करना मुश्किल है।
अय्यदुरई का जन्म मुंबई में एक तमिल परिवार में हुआ था। सात वर्ष की आयु में वह अपने परिवार के साथ अमेरिका चले गए। 14 वर्ष की आयु में उन्होंने कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के अध्ययन के लिये न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय के कोरैंट इंस्टीट्यूट ऑफ मैथेमैटिकल साइसेंज में विशेष 'समर' कार्यक्रम में हिस्सा लिया। बाद में स्नातक के लिए न्यूजर्सी सिथत लिविंगस्टन हाई स्कूल गए। हाई स्कूल में पढ़ाई करने के साथ उन्होंने न्यू जर्सी में यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसीन एंड डेनटिस्ट्री में रिसर्च फेलो के रूप में काम भी किया।
वाशिंगटन:- ईमेल आज 32 year का हो गया, लेकिन बहुत ही कम लोगों को यह पता होगा कि तेजी से संदेश पहुंचाने की इस प्रणाली का अविष्कार भारतीय अमेरिकी वीए शिवा अय्यदुरई ने उस समय किया जब वह केवल 14 साल के थे।
वर्ष 1978 में अय्यदुरई ने कंप्यूटर प्रोग्राम तैयार किया जिसे 'ईमेल' कहा गया। इसमें इनबॉक्स, आउटबॉक्स, फोल्डर्स, मेमो, अटैचमेंट्स आदि सभी कुछ था। आज ये फीचर हर ईमेल सिस्टम के हिस्से हैं। अमेरिकी सरकार ने 30 अगस्त 1982 को अय्यदुरई को आधिकारिक रूप से ईमेल की खोज करने वाले के रूप में मान्यता दी और 1978 की उनकी खोज के लिए पहला अमेरिकी कापीराइट दिया। उस समय सॉफ्टवेयर खोज की सुरक्षा के लिए कापीराइट एकमात्र तरीका था।
हफ्फिंगटन पोस्ट के अनुसार एर्पानेट, एमआईटी या सेना जैसे बड़े संस्थानों ने ईमेल की खोज नहीं की। इस प्रकार के संस्थानों का मानना था कि इस प्रकार की प्रणाली तैयार करना मुश्किल है।
अय्यदुरई का जन्म मुंबई में एक तमिल परिवार में हुआ था। सात वर्ष की आयु में वह अपने परिवार के साथ अमेरिका चले गए। 14 वर्ष की आयु में उन्होंने कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के अध्ययन के लिये न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय के कोरैंट इंस्टीट्यूट ऑफ मैथेमैटिकल साइसेंज में विशेष 'समर' कार्यक्रम में हिस्सा लिया। बाद में स्नातक के लिए न्यूजर्सी सिथत लिविंगस्टन हाई स्कूल गए। हाई स्कूल में पढ़ाई करने के साथ उन्होंने न्यू जर्सी में यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसीन एंड डेनटिस्ट्री में रिसर्च फेलो के रूप में काम भी किया। see more...

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